कार्यो का विवरण


प्रशासनिक सुधार निदेशालय द्वारा प्रशासनिक सुधार के बिन्दुओं यथा-प्रक्रियाओं/प्रपत्रों का सरलीकरण, अधिकारों का प्रतिनिधायन, जनशक्ति का मूल्यांकन, मानकों का निर्धारण आदि विषयों पर प्रशासनिक सुधार या उच्च स्तर से प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण कर कार्य अध्ययन किया जाता हैं। निदेशालय द्वारा सचिवालय, लोक सेवा आयोग, मा0 उच्च न्यायालय व लोकायुक्त कार्यालय का भी कार्य अध्ययन किया जाता हैं। उपरोक्‍त के अति‍रि‍क्‍त नि‍म्‍न कार्य भी कि‍ये जाते हैं-

1- सूचना का अधि‍कार अधि‍नि‍यम, 2005 के क्रि‍‍यान्‍वयन सम्‍बन्‍धी कार्य-

  • लोक प्राधि‍करणों, जन सूचना अधि‍कारि‍यों तथा अपीलीय अधि‍कारि‍यों हेतु समय-समय पर नि‍र्देश/मार्गदशिका जारी करवाना।

  •   सूचना का अध‍किर अधिनियम के अन्‍तर्गत भारत सरकार द्वारा समय-समय पर जारी शासनादेशों/कार्यालय ज्ञापन को शासनादेश द्वारा राज्‍य सरकार के लोक प्राधि‍करणों के संज्ञान में लाना।

  • समस्‍त लोक प्राधकिरणों में अधिनियम की धारा 4(1)(b) में उल्लिखति 16 श्रेणयिों की सूचनाओं के सम्‍बन्‍ध में विवरण तैयार करने तथा वि‍भागीय वेबसाइट पर अपलोड करने के सम्‍बन्‍ध में अनुश्रवण कार्य।

  • सूचना का अधि‍कार अधि‍नि‍यम, 2005  की धारा 27 के अन्‍तर्गत समय- समय पर नियमावली का आलेख्‍य तैयार करना।

  • विभागों में प्रत्‍येक माह में सूचना के अधि‍कार के अन्‍तर्गत प्राप्‍त, लम्बित व नि‍स्‍तारित आवेदन पत्रों  की स्थिती तथा दण्‍ड की स्थिती की सूचना का अनुश्रवण करना।

  • मण्‍डल/जिला स्‍तर पर सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के क्रियान्‍वयन के सम्‍बन्‍ध में गोष्ठियॉ आयोजित कराना।

  • सचिवालय तथा विभागाध्‍यक्ष स्‍तर के अधिकारियों/कर्मचारियों को अधिनियम की विभिन्‍न धाराओं के सम्‍बन्‍ध में परामर्श/मार्गदर्शन देना।

 2- कार्य अध्‍ययन (Work Study)       

  • सचिवालय स्‍तर पर स्थित विभागों/अनुभागों में उपलब्‍ध जनशक्ति का मूल्‍यांकन, पदों का स़ृजन/कमी, कार्य मापन, मानकों का निर्धारण, नई-नई कार्य प्रणालियों (Innovations)  के लागू किये जाने के सम्‍बन्‍ध में शोध एवं सुझाव देना आदि।

  • लोक सेवा आयोग, उच्‍च न्‍यायालय व लोकायुक्‍त कार्यालय में विद्यमान कार्यभार के आधार पर उपलब्‍ध जनशक्ति का मूल्‍यांकन कर पदों को घटाने/बढाने के सम्‍बन्‍ध में संस्‍तुति देना व अन्‍य प्रशासनिक सुधार से सम्‍बन्धित कार्यों का अध्‍ययन कर सुझाव/संस्‍तुति देना।

  • प्रशासकीय विभाग की अपेक्षानुसार/उच्‍च स्‍तर पर लिये गये निर्णयानुसार विभागीय मुख्‍यालयों तथा क्षेत्रीय व फील्‍ड स्‍तरीय कार्यालयों के संगठनात्‍मक ढॉचे में परिवर्तन, अधिकारों के प्रतिनिधायन, रिकार्ड मैनेजमेंट, मानकों का निर्धारण, कार्य मापन, कार्यालय प्रबन्‍ध, कार्यालयों का आधुनिकीकरण, प्रक्रियाओं/प्रपत्रों, रिपोर्टस/रिटर्नस का सरलीकरण, अभिलेखों का निर्दान/रिकार्डिंग आदि महत्‍वपूर्ण विषयों पर अध्‍ययन कर संस्‍तुति/सुझाव देना ।

3- द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग की रिपोर्ट पर कार्यवाही।

     भारत सरकार द्वारा वर्ष 2005 में लोक प्रशासन पद्धति‍ के पुनर्संरचना के सम्‍बन्‍ध में एक विस्‍त़ृत रूपरेखा तैयार करने हेतु द्ध‍ितीय प्रशासनिक सुधार आयोग का गठन किया गया। आयोग को सरकार के सभी स्‍तरों पर, देश के लिए एक सक्रिय, प्रतिक्रियाशील, जवाबदेह और संवेदनशील प्रशासन प्राप्‍त करने के लिए उपायों का सुझाव देने का दायित्‍व सौंपा गया। आयोग द्वारा अपने कार्यकाल में विभिन्‍न विषयों से सम्‍बन्धित 15 प्रतिवेदन प्रस्‍तुत किये गये हैं।

      भारत सरकार द्वारा स्‍वीकार योग्‍य संस्‍तुतियों के परिप्रेक्ष में प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा 15 रिर्पोटों से सम्‍बन्धित संस्‍तुतियों पर कार्यवाही हेतु मुख्‍य सचिव/औद्यौगिक विकास आयुक्‍त/प्रमुख सचिव, औद्यौगिक विकास विभाग की अध्‍यक्षता में कमेटियों का गठन किया गया है। कमेटियों की बैठकें निरन्‍तर करायी जा रही हैं तथा बैठकों में लिए गये निर्णयों के अनुसार संस्‍तुतियों पर सम्‍बन्धित विभागों से कार्यवाही करायी जा रही है।

4-   भारत सरकार से प्राप्‍त निर्देशों/संस्‍तुतियों पर कार्यवाही।

      भारत सरकार द्वारा समय-समय पर गुड गवर्नेन्‍स, संवेदनशील प्रशासन, नागरिक चार्टर, सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 आदि के सम्‍बन्‍ध में प्राप्‍त निर्देशों/संस्‍तुतियों का परीक्षण कर तदनुसार कार्यवाही किया जाना।

5-  वरिष्‍ठ प्रशासनिक अधिकारियों के सम्‍मेलन से सम्‍बन्धित कार्य तथा समय-समय पर आयोजित वरिष्‍ठ प्रशासनिक अधिकारियों की बैठकों से सम्‍बन्धित कार्य।

       कम्‍पूटर युग आ जाने तथा ई-गवर्नेन्‍स/-फाइलिंग के परिपेक्ष्‍य में प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा विभागों तथा उनके अधीनस्‍थ कार्यालयों, लोक सेवा आयोग, उच्‍च न्‍यायालय, लोक आयुक्‍त कार्यालय आदि में जनशक्ति मूल्‍यॉकन मानक निर्धारण संगठनात्‍मक ढॉचे में परिवर्तन आदि के सम्‍बन्‍ध में कार्य अध्‍ययन की महत्‍ता और भी बढ् गयी है।  प्रशासनिक सुधार एक निरन्‍तर चलने वाली प्रक्रिया है।  कलान्‍तर में इसकों और  विकसित करने की आवश्‍यकता है।  

     प्रशासनिक सुधार निदेशालय का मुख्‍य कार्य प्रशासकीय विभागों से प्राप्‍त प्रस्‍तावों का परीक्षण कर कार्य अध्‍ययन करना है। कार्य अध्‍ययन निदेशालय के अधिकारियों के मध्‍य टीमों का गठन कर सम्‍पादित किया जाता है जिसके कारण प्रत्‍येक अधिकारियों को अलग- अलग कार्य आवंटित किया जाना सम्‍भव नहीं है।  आशुलिपिकों/टंकक द्वारा अधिकारियों से डिक्‍टेशन लिये जाते हैं व टंकण कार्य किया जाता है

       प्रशासनिक सुधार निदेशालय के अधिकारियों द्वारा प्रशासकीय विभागों से प्राप्‍त प्रस्‍तावों के आधार पर कार्य अध्‍ययन किया जाता है तथा अध्‍ययन रिपोर्ट तैयार कर निदेशक के माध्‍यम से विभाग के प्रमुख सचिव/सचिव से अनुमोदित कराकर प्रशासकीय विभाग को प्रेषित की जाती है